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आक्रुष्ट चिरई 🐦 Profile
आक्रुष्ट चिरई 🐦

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थोड़ा आश्रय , थोड़ी उड़ान ; चिरई की यही पहचान ...! 🕊️

गौरीशंकर की शरणागति में 🔱
Joined August 2020
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@_Vaaridri_
आक्रुष्ट चिरई 🐦
27 days
अहम् ही हिरणाकशिपु है .कर्म मेरे हिरण्याक्ष हैं ,.होलिका है क्रोध मेरा .लोभ में मन दक्ष है ।. श्वास हो मेरी सुमिरनी .भाव ही स्तंभ हो,.स्तंभ से प्रकटे जो नरहरि .वो मेरा अवलंब हों ।. श्वास की अंतिम लड़ी हो .और तुम्हारी गोद हो,.बूँद सागर में मिले जा .न कोई अवरोध हो ।. ~ वारिद्री 🕊️
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
18 hours
पीड़ाओं की कोई निश्चित ध्वनि नहीं होती।.ये कभी श्रांत होकर धमनियों में प्रवाहित होती रहती हैं ,.कभी किसी राग सी आकर कण्ठ में अवरुद्ध हो जाती हैं .और कभी विलाप का तीव्र स्वर बनकर फट पड़ती हैं ।. ~ वारिद्री 🕊️.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
2 days
मैं सोचती हूं इन सबके सामने किसी बात का क्या मतलब है,.यहां आते ही देखती हूं इतना लिखने वाले,इतना पढ़ने वाले और किताबों की बातें करने वालों की कमी नहीं है।. कभी-कभी मुझे समझ नहीं आता मेरे लिए आभासी दुनिया कौन सी है ये या वो।.अंत में यही लगता है मुझे यहां ऐसा,वहां वैसा रहना है।.🙂.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
2 days
जैसे भैंस बैठी जुगाली कर रही हो तो उसके आगे बीन बजाने से उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता,.वैसे ही अपात्रों के सामने अपनी भावनाओं का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।. भीड़ मिलती है सबके अपने किस्से अपनी समस्याएं हैं,कोई साहित्य पर बात नहीं करता,किताबों की बात नहीं करता,किसी की रुचि नहीं दिखती++.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
6 days
मेरे यहां भी 40 वर्ष पहले दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या हुई थी ,अपराधियों के खिलाफ़ केस दर्ज़ हुआ था ,. उसमें एक बात ये अच्छी हुई थी कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य के हिसाब से उस समय केस का निपटारा जल्दी हुआ था और उन लोगों को उम्रकैद की सज़ा हुई थी ।.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
6 days
भले ही पिछले कुछ वर्षों से पुरुषों के प्रति अपराध बढ़े हैं पर स्त्रियों के प्रति अपराध हमेशा पुरुषों से अधिक रहेंगे।. दहेज के लिए हत्या निश्चित ही लालच की पराकाष्ठा और अमानवीय कृत्य है।. किसी भी अपराध में स्त्री-पुरुष दोनों शामिल हैं तो सज़ा भेदभाव रहित अपराध देखकर मिलनी चाहिए ++.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
7 days
एक संत दूसरे संत पर टिप्पणी करता है ,.एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र पर पिला पड़ा है ,.बॉस अपने कर्मियों पर एकदम तौवाया रहता है (ऐसे और भी उदाहरण हैं). और हम लोग यहां सोशल मीडिया पर एक -दूसरे से झगड़ा न करने और ठंड रखने(शांति बनाए रखने ) की उम्मीद करते हैं ।. 😁.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
7 days
Id बने भले ही पाँच साल हो गए हों पर .कायदे से सबके खोपड़ी पर होरा भूजते.हुए तीन साल ही हुए हैं ।. ख़ैर झेलते रहिए जब तक मैं यहां से .उछिन्न नहीं हो जाती ।. 😁. #MyXAnniversary
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
8 days
मेरा ईश्वर मेरे उस रिश्तेदार की तरह है .जो आते - जाते अपने बटुए से निकालकर दुःख - दर्द.रूपी एक नोट मुझे पकड़ा देता है ,. और फिर मैं उसे कभी सहेज कर रख लेती हूं कभी खर्च कर देती हूं ।. ☺️😁.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
8 days
अगर मैं अन्य पुरुष में कोई पोस्ट लिख रही हूं और उसे पढ़कर क��ई मुझे ब्लॉक्ड कर देता है (जिसका प्रत्यक्ष मुझसे कोई लेना - देना नहीं है) .तो इसका मतलब त्रिशूल सही निशाने पर जा गड़ा है ।. हमारे यहां अवधी में एक कहावत है . काना होय तौ कोंच जाय ।. 🙂.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
9 days
भई मैं तो पहले भी लिखती थी आगे भी बीच - बीच में साहित्यिक चोरों पर कटाक्ष लिखती रहूंगी ,.जिसे कोई समस्या हो , जो नहीं पढ़ना चाहता आराम से अनफॉलो /ब्लॉक्ड करके निकलता जाए।. अगर मेरी सूची शून्य पर पहुंचा दो तब भी शैली नहीं बदलेगी ।.मुझे क्या मैं शून्य से शुरुआत कर दूंगी ।. 😁.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
9 days
कविताएँ लिखवाकर उसके नीचे अपना नाम सुसज्जित कर परोसने वाले बह उतराए हुए हैं ।. इन प्रेतों/ चुडैलों की संख्या इतनी अधिक है कि इनसे सोशल मीडिया रूपी पीपल गरुआया हुआ है ।. 🙂.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
9 days
आज अचानक याद आया कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने केशवदास को ."कठिन काव्य का प्रेत" कहा था।. ख़ैर उसकी समीक्षा तो अलग ही है,.पर आजकल "सरल काव्य के प्रेतों " की भरमार है,. सरल इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सामाग्री सरलता से उपलब्ध होती है,.विभिन्न प्लेटफॉर्म से कंटेंट उठाकर AI वगैरह से +++.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
10 days
पता नहीं क्यों निबंध या भाषण की तरह पढ़ी जाने वाली कविता मुझे कभी कविता नहीं लगी ।. कविता या पद्य में जब तक गेयता का भाव या शब्दों की तुकबंदी न दिखे तब तक वो कविता नहीं लगती ।. बड़े लेखक लोगों की बड़ी बाते होंगी ,.शायद मुझे ही साहित्य की कोई समझ नहीं है ।. 🙂.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
11 days
चकाचौंध , प्रसिद्धि और दिखावे के दौर में हम जैसी असुंदर ,अनाकर्षक , अपवंचित और असाधारण लड़कियाँ संकटग्रस्त प्रजाति में दर्ज़ कर दी जाती .हैं ,. और फ़िर वो चाहती भी नहीं कि ये दुनिया उन्हें संरक्षित करने की कोशिश करे।. अंततः वे विलुप्तप्राय ही हो जाना चाहती हैं।. ___ वारिद्री 🕊️.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
11 days
तुम्हें पाना नहीं है ,.मगर खोना नहीं है ।.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
11 days
जिसने ' उसने कहा था ' कहानी पढ़ी है वो ' हीरे का हीरा ' भी जरूर पढ़े ।.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
1 month
कल 'हीरे का हीरा' कहानी पढ़ी जो 'उसने कहा था'का ही विस्तार है.जिसे गुलेरी जी आधी ही लिख पाए थे और .डॉ सुशील कुमार फुल्ल ने उसे पूरा किया था।.काश!ये कहानी अधूरी ही रहती तो ये कसक न होती कि लहना सिंह उस आठ बरस की छोरी(सूबेदारनी)को कभी भूल नहीं पाए,उन्होंने वो किया जो उसने कहा था ++.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
12 days
सुनो कुमार !. प्रेम वंशी की मधुर तान है और विरह खोखला बांस।.हर बांस के भाग्य में वंशी बनना नहीं होता न!. पर कभी-कभी विरह प्रेम से भी अधिक प्रिय हो जाता है,अपने प्रिय के विरह में अंततः कृष्ण ने भी वंशी का परित्याग कर दिया था।.कृष्ण कहते हैं. उधौ!मोहि ब्रज बिसरत नाही।. वारिद्री🕊️
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
12 days
न ही इण्टर कॉलेज में चयन परीक्षा पास करने की क्षमता थी, न ही वहां पढ़ाने की पात्रता है।.अच्छा है मैं कभी वहाँ नहीं जा सकती .वरना आजकल के बालक -बालिकाओं का जो छपरीपना है और जिस घटिया स्तर की उनकी भाषा शैली है ,.उसपर या तो मैं उन्हें कूट देती या वो लोग मुझे कूट देते ।. 😐.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
13 days
तुम्हारी दी गई तल्ख़ियाँ और तख़लिया है ,.आँखों ने हिज्र का नमक जब से चख ल��या है ।. ___ वारिद्री 🕊️.
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आक्रुष्ट चिरई 🐦
13 days
अत्यधिक भारी भरकम लोगों को देखकर मैं सोचती हूं ये कैसे चलते -फिरते हैं ,कैसे काम करते होंगे ।.बहुत लोग मुझे देखकर सोचते होंगे(कह भी देते हैं) ये कैसे चलती फिरती होगी,कैसे काम करती है।. समस्या तो दोनों दशा में होती है।. 😁.
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